Breaking

आम लोगों को मिलेगी लोन में बड़ी राहत, RBI ने घटाया रेपो रेट


हाईलाइट

  • रिजर्व बैंक ने घटाई रेपो रेट
  • सभी तरह के लोन होंगे सस्ते !
  • रेपो रेट 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी कर दिया गया

भारतीय रिजर्व बैंक ने नए वित्तीय वर्ष में आम लोगों को बड़ी राहत दी है। RBI ने पहली मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा कर दी है। रेपो रेट में 25 BPS प्वाइंट की कटौती की घोषणा की गई है। यानि की अब लोगों की EMI में कमी होने की संभावना पक्की हो गई है। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब रेपो रेट 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी हो गया है। रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की गई है। रिवर्स रेपो रेट को 5.75 फीसदी किया गया है। 


RBI Governor Shaktikanta Das: GDP projection for 2019-20 is kept at 7.2%, 6.8 to 7.1% for the first half of 2019-20 & 7.3 to 7.4% for the second half.

बता दें कि रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। इसमें कमी होने से बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है। इससे बैंकों के लिए भी ग्राहकों को लोन की दरें घटाने का रास्ता साफ होता है। हालांकि, पिछली बार बैंकों ने ब्याज दरों में उतनी कमी नहीं की थी जितनी RBI ने रेपो रेट घटाई थी। RBI द्वारा रेपो रेट में कटौती किए जाने के बाद इसका सीधा असर EMI पर पड़ेगा। होम, कार, पर्सनल, एजूकेशन लोन की EMI कम हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अर्थव्यवस्था के जो हालात हैं, उसमें रेपो रेट की कटौती होना तय था। 
RBI ने उम्मीद जताई है कि मौजूदा वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ 7.2% रहेगी। पहली छिमाही में खुदरा महंगाई दर 2.9-3% के बीच रहने के आसार हैं। दूसरी छिमाही में यह 3.5-3.8% रह सकती है। RBI ब्याज दरें तय करते वक्त खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखती है।आर्थिक विश्लेषकों औप क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का कहना है कि इस समय महंगाई की दर काबू में है। इसलिए यह ब्याज दर में कटौती के लिए उपयुक्त समय है। इससे पहले, बीते फरवरी में रिजर्व बैंक ने रेपो दर में चौथाई फीसदी की कमी की थी जो कि पिछले डेढ़ साल में पहली कटौती थी।


Source: Bhaskarhindi.com

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.