MP: सीएम कमलनाथ के OSD के घर IT का छापा, 50 जगहों पर कार्रवाई जारी

हाईलाइट
- मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के ओएसडी के घर आयकर विभाग का छापा।
- इंदौर, दिल्ली सहित 50 जगहों पर हो रही कार्रवाई।
लोकसभा चुनाव से पहले आयकर विभाग ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव सहित दो करीबियों पर कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने सीएम के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित घर छापेमारी की। इस कार्रवाई में अब तक करीब 9 करोड़ रुपए बरामद किए जाने की खबर है। शनिवार देर रात तीन बजे से शुरू हुई आयकर विभाग की कार्रवाई रविवार को भी जारी है। राजधानी दिल्ली और मध्यप्रदेश सहित कुल 50 जगहों पर छापेमारी हो रही है।
आयकर विभाग ने इस पूरी कार्रवाई में मध्य प्रदेश पुलिस की मदद नहीं ली है। सीआरपीएफ जवान सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की मदद ली गई है। इस छापे के तार अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मामले से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग ने सीएम कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के इंदौर में विजय नगर स्थित घर पर छापा मारा है। इतना ही नहीं कमलनाथ के करीबी राजेंद्र कुमार मिगलानी के ठिकाने पर भी छापेमारी हो रही है। 15 से भी ज्यादा अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं। सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के भांजे प्रतीक जोशी के भोपाल आवासीय परिसर में छापेमारी के दौरान कैश भी मिला है।
आयकर विभाग की टीम ने देर रात 3 बजे प्रवीण कक्कड़ के स्कीम नंबर 74 स्थित निवास पर छापा मारा। इसके साथ ही विजय नगर स्थित शोरूम सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है, सर्विस के दौरान ही कई जांच चल रही थी। प्रवीण जब पुलिस अधिकारी थे तभी उनके खिलाफ कई मामले सामने आए थे।
दिल्ली में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के करीबी आरके मिगलानी के ग्रीनपार्क स्थित घर पर भी आईटी ने छापा मारा।
आयकर विभाग के सूत्रो के मुताबिक, देशभर में 50 जगहों पर आयकर विभाग कार्रवाई कर रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी, कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, आमिरा ग्रुप और मोजर बेयर से जुड़े लोकेशन पर इनकम टैक्स के छापेमारी की है। भोपाल, इंदौर, गोवा और दिल्ली के 35 जगहों पर छापेमारी चल रही है। आयकर विभाग से करीब 300 अधिकारी तलाशी में जुटे हुए हैं।
प्रवीण कक्कड़ को पुलिस विभाग में रहने के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। इसके बाद उन्होंने 2004 में अपने नौकरी छोड़ दी और कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बन गए। ऐसा माना जाता है कि, 2015 में कांतिलाल भूरिया को रतलाम-झाबुआ सीट पर मिली जीत प्रवीण कक्कड़ द्वारा बनाई रणनीति से मिली। दिसंबर 2018 में वे सीएम कमलनाथ के ओएसडी बने थे।
Source: Bhaskarhindi.com

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