कृष्ण भक्ति के आधारस्तंभ हैं प्रभु वल्लाभाचार्य जी, जानें कब है जयंती

भारत अनेकता में एकता रखने वाला देश है। यहां पर विभिन्न धर्म, विभिन्न संस्कृतियों के लोग वास करते हैं। यहां तो प्रकृति में भी विविधता देखने को मिलती है। जब भी भक्ति या अध्यात्म की बात होती है तो हमें भारत में भक्ति काल में हुए संत शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, आचार्य निंबार्क और वल्लभाचार्य जी आदि की याद आती है। पुष्टिमार्ग के इस प्रवर्तक प्रभु वल्लाभाचार्य जी की जयंती वैशाख के पावन मास के कृष्ण पक्ष की वरुथिनी एकादशी के दिन मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष इनकी जयंती 30 अप्रैल 2019 को मनाई जाएगी।
आत्मज्ञान
इस पवित्र वैशाख मास की कृष्ण एकादशी को कृष्णभक्ति के मार्ग को बताने वाले सूरदास को लीलाधर कृष्ण की लीलाओं से परिचित कराने वाले वल्लभाचार्य का जन्म हुआ था। प्रभु वल्लाभाचार्य जी कृष्ण भक्ति के बहुत मजबूत आधारस्तंभ हैं जिन्होंने साधना के लिए सहजमार्ग से परिचित करवाया। इन्होंने सूरदास को भी आत्मज्ञान देकर अमर कर दिया।
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इस पवित्र वैशाख मास की कृष्ण एकादशी को कृष्णभक्ति के मार्ग को बताने वाले सूरदास को लीलाधर कृष्ण की लीलाओं से परिचित कराने वाले वल्लभाचार्य का जन्म हुआ था। प्रभु वल्लाभाचार्य जी कृष्ण भक्ति के बहुत मजबूत आधारस्तंभ हैं जिन्होंने साधना के लिए सहजमार्ग से परिचित करवाया। इन्होंने सूरदास को भी आत्मज्ञान देकर अमर कर दिया।
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