Breaking

केन्द्र ने SC से कहा - पूर्व PM राजीव गांधी के हत्यारों को नहीं कर सकते रिहा




NEWS HIGHLIGHTS

  •  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की नहीं होगी रिहाई !
  •  पिछले 27 सालों से जेल में बंद है राजीव गांधी के हत्यारे
  •  राष्ट्रपति पहले ही रिहाई की एक याचिका को खारिज कर चुके हैं।

  • डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज पेश कर रिहाई का विरोध किया है। राजीव गांधी हत्याकांड के सातों दोषी पिछले 27 साल से जेल में सजा काट रहे हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र से कहा था कि वह तमिलनाडु सरकार की तरफ से दोषियों की रिहाई की अपील पर अपनी राय बताएं। उच्च अदालत की संवैधानिक पीठ के जजों ने 2015 में कहा था कि दोषियों को बिना केन्द्र सरकार की सहमति के रिहा नहीं किया जा सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने अतिरिक्त दस्तावेज दिया है और इनकी रिहाई का विरोध किया है। केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्होंने तमिलनाडु सरकार को अपने इस फैसले के बारे में 18 अप्रैल को ही अवगत कर दिया था।

    Image result for rajiv gandhi killer

    राष्ट्रपति पहले ही इनकी रिहाई की एक याचिका को खारिज कर चुके हैं। दरअसल, तमिलनाडु की सरकार ने 2016 में राजीव गांधी के हत्या के 7 दोषियों को रिहा करने का फैसला लिया था। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। इसी के जवाब में केंद्र ने हलफनामा दिया है। पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्‍या की प्‍लानिंग लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के लीडर प्रभाकरण ने की थी। लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण के कहने पर 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस साजिश में सात दोषी मुरूगन, पेरारिवलन, संतन, जयकुमार, राबर्ट पायस, रविचंद्रन और श्री हरि हरण नलिनी पिछले 20 साल से अधिक समय से जेल में कैद हैं। इस मामले में 24 मई 1991 को सीबीआई की स्पेशल टीम ने केस दर्ज किया. घटनास्थल पर मिले सबूतों में एक कैमरा और उसकी तस्वीरें भी थीं। इससे पहले, अप्रैल में मद्रास हाईकोर्ट नलिनी श्रीहरिहरण की रिहाई की अपील को खारिज कर चुका है। एक अन्य दोषी पेरारिवलन  ने अपनी अपील में यह कहा था कि केस को फिर से खोला जाए और उसके जुर्म को खारिज किया जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उसे मार्च में खारिज कर दिया था।

    Source: Bhaskarhindi.com

    कोई टिप्पणी नहीं:

    Blogger द्वारा संचालित.