राज्यसभा उपसभापति चुनाव: हरिवंश VS हरिप्रसाद, चुनाव से पहले NDA की अहम बैठक आज

NEWS HIGHLIGHTS
- राज्यसभा में उपसभापति चुनाव के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे सदन में वोटिंग।
- एनडीए की तरफ से जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह चुनावी मैदान में हैं।
- विपक्ष की ओर से कांग्रेस के नेता बी के हरिप्रसाद को अपनी तरफ से उम्मीदवार बनाया है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा में उपसभापति चुनाव के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे सदन में वोटिंग होगी। चुनाव से ठीक पहले 9.15 बजे NDA की अहम बैठक शुरू हो रही है। एनडीए की तरफ से जहां जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह चुनावी मैदान में हैं, वहीं यूपीए ने कांग्रेस नेता बी के हरिप्रसाद को अपनी ओर से उम्मीदवार बनाया है। दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है क्योंकि एनडीए और यूपीए दोनों के ही पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है। हालांकि जिस तरह से समीकरण बदले हैं, उसने एनडीए का पलड़ा भारी कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक अपनी पार्टी के हरिवंश की जीत पक्की करने के लिए नीतीश कुमार ने कई नेताओं से फोन पर बात की। नीतीश कुमार ने जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती, तेलंगाना के सीएम केसीआर, ओडीसा के सीएम नवीन पटनायक, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी फोन किया। जबकि पीडीपी ने उपसभापति के चुनाव में भाग लेने से मना कर दिया है तो शिवसेना भी बीजेपी से नाराज चल रही है।
क्या है राज्यसभा में सीटों का गणित?
कांग्रेस के पीजे कुरियन के पिछले एक जुलाई को सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त है। 244 सदस्यीय उच्च सदन में उपसभापति चुनाव को जीतने के लिए 123 मतों की आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान में एनडीए के पास राज्यसभा में 89 सीटें हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 73 सीटें बीजेपी के पास हैं। बीजेडी (9) ने भी NDA उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान कर दिया है। AIADMK (13) और टीआरएस (6) का वोट एनडीए को मिलने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो NDA का यह आंकड़ा 127 पहुंच जाएगा, जो बहुमत के आंकड़े से 4 मत ज्यादा होगा।
वहीं कांग्रेस किसी भी कीमत पर उपसभापति के पद पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहेगी। इस जीत के जरिए वो संदेश देने की कोशिश करेगी कि उसकी नीति में दूसरे विरोधी दलों को विश्वास है और इसके साथ ही उसकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। यूपीए के पास राज्यसभा में 57 सीटें हैं। मोदी विरोधी अन्य दलों जैसे SP, BSP, RJD, TDP, TMC, DMK के वोट भी यूपीए उम्मीदवार को मिल सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने सभी विपक्षी दलों के वोट मिलने का दावा किया है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने भी करीब 114 सांसदों के समर्थन की बात कही है। उधर, चुनाव में आम आदमी पार्टी 3, पीडीपी 2 और आईएनएलडी 1 के वोट नहीं करने की संभावना है। अगर ये यूपीए के पक्ष में वोटिंग कर भी दें तब भी 123 मतों का जादुई आंकड़ा छू पाना यूपीए के लिए संभव होता नहीं दिख रहा है।
NDA से उम्मीदवार हैं हरिवंश नारायण सिंह
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून, 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई करने वाले हरिवंश ने अपने कैरियर की शुरुआत टाइम्स समूह से की थी। बिहार के प्रतिष्ठित अखबार प्रभात खबर के वह संपादक भी रह चुके हैं। इसके बाद वह राजनीति में आ गए। फिलहाल हरिवंश जेडीयू के महासचिव है।
UPA ने बीके हरिप्रसाद को उतारा मैदान में
बीके हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को कर्नाटक में हुआ था। 1972 में वो कांग्रेस के सदस्य बने। वो कांग्रेस की कई अन्य समितियों और सेवा दल के प्रमुख पदों पर रहे हैं। 2006 में वो कांग्रेस के महासचिव बने और अब तक इस पद पर बरकरार हैं। साल 1990 में वो पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए।
Source: Bhaskarhindi.com
क्या है राज्यसभा में सीटों का गणित?
कांग्रेस के पीजे कुरियन के पिछले एक जुलाई को सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त है। 244 सदस्यीय उच्च सदन में उपसभापति चुनाव को जीतने के लिए 123 मतों की आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान में एनडीए के पास राज्यसभा में 89 सीटें हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 73 सीटें बीजेपी के पास हैं। बीजेडी (9) ने भी NDA उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान कर दिया है। AIADMK (13) और टीआरएस (6) का वोट एनडीए को मिलने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो NDA का यह आंकड़ा 127 पहुंच जाएगा, जो बहुमत के आंकड़े से 4 मत ज्यादा होगा।
वहीं कांग्रेस किसी भी कीमत पर उपसभापति के पद पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहेगी। इस जीत के जरिए वो संदेश देने की कोशिश करेगी कि उसकी नीति में दूसरे विरोधी दलों को विश्वास है और इसके साथ ही उसकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। यूपीए के पास राज्यसभा में 57 सीटें हैं। मोदी विरोधी अन्य दलों जैसे SP, BSP, RJD, TDP, TMC, DMK के वोट भी यूपीए उम्मीदवार को मिल सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने सभी विपक्षी दलों के वोट मिलने का दावा किया है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने भी करीब 114 सांसदों के समर्थन की बात कही है। उधर, चुनाव में आम आदमी पार्टी 3, पीडीपी 2 और आईएनएलडी 1 के वोट नहीं करने की संभावना है। अगर ये यूपीए के पक्ष में वोटिंग कर भी दें तब भी 123 मतों का जादुई आंकड़ा छू पाना यूपीए के लिए संभव होता नहीं दिख रहा है।
NDA से उम्मीदवार हैं हरिवंश नारायण सिंह
हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून, 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए और पत्रकारिता में डिप्लोमा की पढ़ाई करने वाले हरिवंश ने अपने कैरियर की शुरुआत टाइम्स समूह से की थी। बिहार के प्रतिष्ठित अखबार प्रभात खबर के वह संपादक भी रह चुके हैं। इसके बाद वह राजनीति में आ गए। फिलहाल हरिवंश जेडीयू के महासचिव है।
UPA ने बीके हरिप्रसाद को उतारा मैदान में
बीके हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को कर्नाटक में हुआ था। 1972 में वो कांग्रेस के सदस्य बने। वो कांग्रेस की कई अन्य समितियों और सेवा दल के प्रमुख पदों पर रहे हैं। 2006 में वो कांग्रेस के महासचिव बने और अब तक इस पद पर बरकरार हैं। साल 1990 में वो पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए।
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