भारत में बगैर इजाजत पतंग उडाना गैरकानूनी, जानिए ऐसे कुछ अजीबो-गरीब कानून

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अपने देश के कानून का पालन करना और उसका सम्मान करना हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। मगर जरा सोचिए, अगर कानून खुद ही बहुत अटपटा हो तो क्या होगा? बतौर नागरिक सही-गलत की पहचान कराने और अपराधों को रोकने के लिए कानून बनाए जाते हैं मगर कई बार कानून खुद में ही बड़े अजीब हो जाते हैं। हमारे देश में भी कुछ ऐसे ही अजीबों-गराब कानून है जो आपके दिमाग को बिल्कुल ही हिला देंगे।
पतंग उड़ाना है गैरकानूनी
भारत में एयरक्राफ्ट अधिनियम 1934 के अनुसार बिना पुलिस कि परमिशन लिए पतंग उड़ाना गैर कानूनी है। इस अधिनियम के मुताबिक, एयरक्राफ्ट का मतलब है, कोई भी मशीन जिसे वायुमंडल में हवा की जरूरत पड़ती हो, जैसे गुब्बारे, एयरशिप, पतंग, ग्लाइडर्स या फ्लाईंग मशीन इन सभी के लिए सरकार से इजाजत लेनी पड़ती है। तो अगर आप पुलिस की अनुमति के बिना पतंग उड़ा रहे हैं, तो आप एक अपराध कर रहे हैं। अगर आप इस कानून का उल्लंघन करते हैं तो आपको 10 लाख रुपए जुर्माना देना पड़ सकता है और दो साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है।

इंडियन पोस्टल सर्विस पहुंचा सकती है डाक
भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 में कहा गया है कि केवल भारतीय पोस्टल सेवा आपके डाक पते पर पत्र दे सकती है। आश्चर्य कि बात है कि इसके बाद भी भारत में कूरियर सेवा जमकर इस्तेमाल की जा रही है और ये इंडस्ट्री बढ़ती ही जा रही है। दरअसल कूरियर कंपनियां कूरियर्स को 'डॉक्यूमेंट्स' बताकर ये सर्विस देती हैं।
वेश्यावृत्ति है भारत में गैर कानूनी
भारत में वेश्याएं निजी तौर पर अपना व्यापार कर सकती हैं, लेकिन कानूनी तौर पर ग्राहकों को सार्वजनिक तरीके से ले जाना गैर कानूनी है। वेश्यालय और दलाली भारत में अवैध है। आम तौर पर भारत में वेश्यावृत्ति से संबंधित कानून काफी अस्पष्ट हैं।

विवाहित महिला को इसके लिए नहीं मिलती सजा
इंडियन पीनल कोड की धारा 497 में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति विवाहित महिला के साथ यौन संबंध रखता है और उसके पास यौन गतिविधि के लिए महिला के पति की सहमति नहीं है, तो वो इस धारा के तहत दंडनीय है। पुरुषों को इस अपराध के लिए जेल की सजा सुनाई जा सकती है लेकिन महिलाओं के लिए कोई दंड नहीं है और वो दूसरे पुरुषों के साथ जितना चाहें उतने संबंध बना सकती हैं।

ये सारी चीजें अवैध है भारत में
इंडियन पीनल कोड की धारा 377 अप्राकृतिक यौन संबन्ध को अपराध मानता है। इतना ही नहीं इंफॉर्मेशन टेकनोलॉजी एक्ट 2000 के तहत ऑनलाईन पोर्नोग्राफी भारत में अवैध है।
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