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ई-कॉमर्स की मेगा डील, फ्लिपकार्ट को आज खरीद लेगा वॉलमार्ट

ई-कॉमर्स की मेगा डील, फ्लिपकार्ट को आज खरीद लेगा वॉलमार्ट

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। ई-कॉमर्स की दुनिया की आज सबसे बड़ी डील होने वाली है। अमेरिकी रिटेल चेन वॉलमार्ट आज भारत में अपना दमदार कदम रखने जा रहा है। इस डील की घोषणा शाम तक हो सकती है। वॉलमार्ट आज बुधवार को भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन रि‍टेलर फ्लि‍पकार्ट में 70 फीसदी हि‍स्‍सेदारी खरीद रही है। डील की सभी औपचारि‍कताएं करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों को सौदे से मिले पैसों का 20 फीसदी कैपिटल गेन टैक्स के रूप में देना पड़ सकता है। कर अधिकारी इस डील पर करीब से नजर रखे हुए हैं जिसका आधिकारिक ऐलान जल्द हो सकता है।

डील से दोनों कंपनियों को फायदा
बता दें कि वॉलमार्ट करीब 21 अरब डॉलर में य़ानि कि 99 हजार करोड़ रुपए में फ्लिपकार्ट में 70 फीसदी हि‍स्‍सेदारी खरीद रही है। इसके लिए वॉलमार्ट के सीईओ डग मैकमिलन बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। हालांकि इस डील के लिए फ्लिपकार्ट की वैल्युएशन 20 बिलियन डॉलर आंकी गई है। इस डील से दोनों कंपनियों को फायदा होगा। पिछले साल फ्लिपकार्ट की वैल्यू 12 बिलियन डॉलर आंकी गई थी।

बेंगलुरु फ्लिपकार्ट मुख्यालय में होगी डील

इस डील का ऐलान बेंगलुरु स्थित फ्लिपकार्ट मुख्यालय में आयोजित टाउनहॉल मीटिंग में किया जाएगा। इस मीटिंग में मैकमिलन फ्लिपकार्ट के एंप्लॉयीज को भारत में अपनी कारोबारी रणनीति से वाकिफ कराएंगे। बता दें कि भारत सरकार ने देश में किसी विदेशी रिटेरलर कंपनी को स्टोर खोलने की इजाजत नहीं दी है। 

कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ढांचा निर्माण करेगा
वॉलमार्ट अपनी तरफ से यह संकेत भी देगा कि वह को-फाउंडर बिन्नी बंसल के नेतृत्व में फ्लिपकार्ट में इंडियन मैनेजमेंट को बरकरार रखेगा। वॉलमार्ट भारत के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा निर्माण में निवेश भी करेगा।
फ्लिपकार्ट के शुरुआती निवेशकों में रहे टाइगर ग्लोबल और एस्सेल पार्टनर्स भी टेंसेंट के साथ अपनी छोटी-छोटी हिस्सदेरियां बरकरार रखेंगे। कहा जा रहा है कि सॉफ्ट बैंक और नैस्पर्स अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेंगे। 

किराना स्टोर्स से होगा गठजोड़ 
वॉलमार्ट की योजना भारत में कारोबार के विस्तार करने की है। जिसके लिए वह 50 से 60 लाख किराना स्टोर्स से गठजोड़ करके उनके आधुनिकीकरण में मदद करेगा ताकि ये स्टोर्स वॉलमार्ट की संपूर्ण सप्लाइ चेन का हिस्सा बन जाएं। यह अमेरिकी कंपनी किराना स्टोर्स के साथ पार्टनरशिप के जरिए भारतीय ग्राहकों को खुद से जोड़ना चाहती है। बता दें कि इस डील के बाद डिजिटल पेमेंट्स और अन्य क्षेत्रों की तकनीक पर भारी-भरकम निवेश होने वाला है।


वॉलमार्ट को कैसे मिलेगा फायदा  
इस डील के जरिए वॉलमार्ट को भारत में एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिल जाएगा। ईकॉमर्स- बाजार में फ्लिपकार्ट की करीब 43% से ज्यादा हिस्सेदारी है। भारत में कंपनी को अमेजन से टक्कर मिलेगी, क्योंकि बाजार में इसकी 38% मौजूदगी है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले साल तक भारत में फ्लिपकार्ट का मार्केट शेयर 44% होने का अनुमान है।
चीनी मार्केट में भी दोनों कंपनियों के बीच सीधी टक्कर है। डील होने पर फ्लिपकार्ट को एक बड़ी रकम मिलेगी। 
रिटेल कारोबार का वॉलमार्ट का लंबा अनुभव काम आएगा। नई टेक्नोलॉजी का सपोर्ट भी मिलेगा जिससे वह फ्लिपकार्ट, अमेजन को चुनौती दे सकेगी। 

फ्लिपकार्ट से जुड़ी कुछ थास बातें...
फ्लिपकार्ट के 100 मिलियन से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स, 100,00 सेलर्स,21 वेयरहाउस हैं और 10 मिलियन डेली पेज विजिट हैं। 
फ्लिपकार्ट की स्थापना बेंगलुरू में साल 2007 में की गई थी। इसके संस्थापक सचिन बंसल और बिन्नी बंसल हैं। 
फ्लिपकार्ट ने सबसे पहले किताबों की बिक्री के साथ शुरुआत की थी।
फ्लिपकार्ट ने अपना पहला ऑफिस साल 2008 में बेंगलुरू में खोला था। इसके बाद 2009 में दिल्ली और मुंबई में ऑफिस खोले।
फ्लिपकार्ट का सबसे बड़ा फाइनेंसर जापान का सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प है। 
साल 2016 में फ्लिपकार्ट ने पेमेंट स्टार्टअप फोन पे को खरीदा था।
2014 में फ्लिपकार्ट ने मिंत्रा को 300 मिलियन डॉलर में और 2016 में जेबॉन्ग को 70 मिलियन डॉलर में खरीदा था। 

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