Breaking

#CWG2018 : ‘गोल्ड’ मॉर्निंग इंडिया, संजीता ने भारत को दिलाया दूसरा गोल्ड


NEWS HIGHLIGHTS


  •  शुक्रवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देशवासियों को सुबह-सुबह शानदार तोहफा दिया।
  •  ये भारत का दूसरा गोल्ड और कुल मिलाकर तीसरा गोल्ड है।
  •  24 साल की वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरा गोल्ड मेडल जिताया।
  •  संजीता ने साल 2014 में ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था, तब संजीता महज 20 साल की थी और उन्होंने 48 किलोग्राम भार वर्ग में भारत को गोल्ड दिलाया था।


डिजिटल डेस्क, गोल्ड कोस्ट। कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत ने दूसरे दिन की शुरुआत गोल्ड मेडल के साथ की है। शुक्रवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देशवासियों को सुबह-सुबह शानदार तोहफा दिया। ये भारत का दूसरा गोल्ड और कुल मिलाकर तीसरा गोल्ड है।

24 साल की संजीता ने दिलाया गोल्ड 

24 साल की वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरा गोल्ड मेडल जिताया। संजीता ने स्नैच के तीन प्रयासों में 81, 83 और 84 किलोग्राम का वजन उठाया और ‘क्लीन एंड जर्क’ के शुरुआती दो प्रयासों में 104 और  108 किलोग्राम का वजन उठाया, तीसरी बार में संजीता ने 112 किलोग्राम उठाने का प्रयास किया था जिसमें वो सफल नहीं हो पाईं। इसके बावजूद उन्होंने पपुआ न्यूगिनी की खिलाड़ी को 10 किलोग्राम के अंतर से हराया। 'स्नैच' में भार को बिना कंधों पर टिकाए सीधे सिर के ऊपर उठाना होता है, जबकि 'क्लीन एंड जर्क' में भार को सिर के ऊपर उठाने से पहले कंधे पर टिकाना होता है।


संजीता ने CWG-2014 में भी जीता था गोल्ड 

संजीता ने साल 2014 में ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था, तब संजीता महज 20 साल की थी और उन्होंने 48 किलोग्राम भार वर्ग में भारत को गोल्ड दिलाया था।

संजीता की कामयाबी पर देश हुआ खुश

संजीता के गोल्ड जीतते ही सोशल मीडिया से लेकर हर जगह बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया है।

 

सुर्खियों में रहती हैं संजीता 

संजीता चानू वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने साल 2017 में अर्जुन पुरस्कार की सूची में नाम न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। संजीता ने खेल मंत्रालय पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, हालांकि तब संजीता को अर्जुन पुरस्कार नहीं मिला था लेकिन संजीता ने इसका जवाब अब गोल्ड मेडल जीतकर दिया है।

कुंजारानी देवी से प्रभावित हैं संजीत

संजीता चानू भी मीराबाई चानू की ही तरह कुंजारानी देवी से बहुत प्रभावित हैं। कुंजारानी देवी ने वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए खूब नाम कमाया है और वो कई खिलाड़ियों की प्रेरणा भी हैं।

Source: Bhaskarhindi.com

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.