नहीं रहे ब्रह्मांड के रहस्य बताने वाले स्टीफन हॉकिंग, 76 की उम्र में ली अंतिम सांस

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। विज्ञान की दुनिया में रिसर्च से अपनी खास छाप छोड़ने वाले स्टीफन हॉकिंगका निधन हो गया है। वहीं स्टीफन हॉकिंग जिन्होंने दुनिया को ब्रह्मांड के रहस्यों से रूबरू करवाया। उन्होंने अपनी कई खोजों से पूरी दुनिया को ब्रह्मांड के ब्लैक होल के बारे में बताया था। उनके निधन की खबर उनके परिवार वालों ने ट्विटर और फेसबुक के जरिए शेयर की है।
स्टीफन हॉकिंग के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक और अकादमिक थे। दुनिया भर में उनके निधन की खबर परेशान करने वाली है। उन्होंने बहुत से लोगों को प्रेरित किया है। प्रोफेसर हॉकिंग के अग्रणी काम ने हमारी दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाया उनकी आत्मा को शांति मिले।

स्टीफन हॉकिंग के निधन पर भारत के राज्य मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान ने भी शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि विज्ञान के क्षेत्र में चमकता सितारा जो दुनिया भर में लाखों लोगों को अपने साहस और दृढ़ता से प्रेरित करता था। मानव जाति के लिए एक बड़ा नुकसान दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं रहेगी। उनकी विरासत तब तक जीवित रहती है जब तक मानव जाति मौजूद है। RIP प्रोफेसर
स्टीफन विलियम हॉकिंग
विलियम हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 में ऑक्सफोर्ड, यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। वह एक विश्व प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और ब्रह्माण्ड विज्ञानी थे। इतना ही नहीं वो कई लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकों के लेखक थे, जिनमें से "अ ब्रिफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, द यूनिवर्स इन अ नटशेल और द ग्रैंड डिजाईन जैसी किताबे शामिल है।
स्टीफन हॉकिंग इस बीमारी से थे परेशान
21 वर्ष की उम्र में स्टीफन हॉकिंग को एम्योट्रॉफिक लेटरल स्लेरोसिस ( ALS) जैसी खतरनाक बीमारी हो गयी थी। इस बीमारी में शरीर की नर्वस जो मासपेशियो को कण्ट्रोल करती है वो बंद हो जाती है। उस वक्त डॉक्टर्स ने स्टीफन को बताया था की उनके पास अब सिर्फ दो से ढाई साल का वक्त है। इस बीमारी के पहले स्टीफन कभी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते थे पर शायद यही एक कारण है जिसके पता चलते ही स्टीफन ने खुद को रिसर्च और विज्ञान की ओर समर्पित कर दिया।
Source: Bhaskarhindi.com
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