Breaking

LIVE : संसद पहुंचे वित्त मंत्री जेटली, 11 बजे पेश करेंगे बजट

LIVE : संसद पहुंचे वित्त मंत्री जेटली, 11 बजे पेश करेंगे बजट


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को 11 बजे देश का आम बजट पेश करेंगे। बजट-2018 बहुत खास रहने वाला है, क्योंकि ये बजट मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट होगा और साथ ही जीएसटी लागू होने के बाद पहला बजट होगा। इस बजट में सरकार इंफ्रास्ट्रचक्चर के साथ-साथ किसानों और युवाओं का भी ध्यान रखेगी, क्योंकि ये चीजें सरकार की फर्स्ट प्रायोरिटी रही है। इसके अलावा सरकार का ध्यान अगले साल होने वाले जनरल इलेक्शन पर भी रहेगा। इस बजट के सहारे ही मोदी सरकार लोगों को लुभाने की कोशिश करेगी।

LIVE UPDATES
9:00 बजे : वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना।
8:58 बजे : अरुण जेटली वित्त मंत्रालय से निकले, बजट की अटैची भी दिखाई।
8:45 बजे : वित्त मंत्री अरुण जेटली घर से निकले।

वित्त मंत्री के सामने क्या है चुनौतियां? 
वित्त मंत्री अरुण जेटली आज सुबह जब 11 बजे बजट पेश करेंगे, तो सबकी नजर इस बात पर होगी कि वो कैसे उम्मीदों और चुनौतियों के बीच तालमेल बैठाते हैं। देश में जीएसटी लागू होने के बाद ये पहला बजट है। इसके साथ ही ये बजट मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट है। लिहाजा जेटली के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, आम आदमी की उम्मीदों पर खरा उतरना। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आखिरी फुल बजट में जेटली को रोजगार के अवसर पैदा करने, किसानों की आय बढ़ाने और आम आदमी की उम्मीदों का ध्यान तो रखना ही है, साथ ही अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को भी ध्यान में रखकर चलना है।

क्या है वित्त मंत्री जेटली का कार्यक्रम? 
- वित्त मंत्री अरुण जेटली सुबह 9 बजे करीब वित्त मंत्रालय पहुंचेगे। यहां वो मंत्रालय के अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।
- इसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे और बजट की कॉपी पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर लेंगे।
राष्ट्रपति भवन से निकलकर करीब 10 बजे जेटली संसद पहुंचेंगे। बजट की कॉपी भी कड़ी सुरक्षा के बीच संसद भवन पहुंच जाएगी।
संसद भवन पहुंचते ही वित्त मंत्री कैबिनेट मीटिंग में शामिल होंगे। इस मीटिंग में कैबिनेट बजट को मंजूरी देगा।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अरुण जेटली लोकसभा पहुंचेंगे और 11 बजे बजट रखेंगे। इसके बाद वित्त मंत्री बजट स्पीच देंगे, जो डेढ़ से दो घंटे तक की हो सकती है।

इन 5 चीजों पर फोकस कर सकते हैं जेटली :

1. ग्रामीण क्षेत्र और किसानों पर : हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से एक बात सामने आई है कि बीजेपी का वोट शेयर सिर्फ शहरी इलाकों में ही बढ़ा है, जबकि ग्रामीण इलाकों में पार्टी उतना काम नहीं कर पा रही है। इसलिए मोदी सरकार के इस आखिरी फुल बजट में ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों पर फोकस किया जाएगा, ऐसा लगभग तय है। ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए मोदी सरकार इस बार ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के लिए फंड एलोकेशन बढ़ा सकती है।

2. रोजगार के अवसर पैदा करने पर ध्यान : 2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी ने सरकार आने पर करोड़ों रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन बीते 4 सालों में मोदी सरकार इसपर फेल रही है। इसलिए इस बजट में रोजगार पर ध्यान भी रहेगा। माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस बजट में 'नेशनल एंप्लॉयमेंट पॉलिसी' का एलान भी कर सकती है, जिसके तहत ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा किए जा सकें। हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ लेबर की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि साल 2015 में सबसे कम 1 लाख 35 हजार नौकरियां ही पैदा हुई हैं। जबकि 2014 में 4 लाख 21 हजार और 2013 में 4 लाख 19 हजार नौकरियां पैदा हुई थी।

3. इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी रहेगा ध्यान : वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले ही कह चुके हैं सरकार बजट-2018 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ावा देगी। लिहाजा इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ज्यादा फंड एलोकेट कर सकती है। इसके अलावा रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 'भारत को फाइनेंशियल ईयर 2018 और 2022 के दौरान अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तकरीबन 50 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की जरुरत है।' वहीं मोदी सरकार भी पहले ही एलान कर चुकी है कि 2022 तक 83,000 किलोमीटर हाईवेज़ के निर्माण के लिए 7 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी।

4. टैक्स में मिल सकती है छूट : अपने आखिरी फुल बजट में मोदी सरकार आम आदमी को खुश करने के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि टैक्स छूट की सीम को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो 3-5 लाख रुपए तक की इनकम पर 5% का टैक्स लग सकता है। इसके साथ ही 5-10 लाख तक की इनकम पर 20% और 10 लाख रुपए से ज्यादा की इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लग सकता है।

5. घर और कार खरीदना भी हो सकता है सस्ता : जीएसटी लागू होने के बाद मोदी सरकार का ये पहला बजट है और ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार कई चीजों को जीएसटी के दायरे में ला सकती है। सरकार प्रापर्टी को जीएसटी के दायरे में लाने पर सोच रही है। अगर ऐसा होता है तो आम आदमी के लिए घर खरीदना सस्ता हो सकता है। इस बात की उम्मीद इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि बिल्डर्स को अभी कंस्ट्रक्शन मटेरियल पर इनपुट टैक्स क्रैडिट मिल जाता है। ऐसे में सरकार रियल एस्टेट को जीएसटी में शामिल कर सकती है, साथ ही स्टांप ड्यूटी पर भी कुछ राहत दे सकती है। इसके अलावा सरकार इस बजट में कारों पर लगने वाले सेस पर भी छूट दे सकती है, जिससे नई और सेकंड हैंड कार खरीदना सस्ता हो जाएगा।

बजट के बारे में कुछ जरूरी बातें :
1. ईस्ट इंडिया कंपनी ने पेश किया था पहला बजट :
भारत में पहला बजट ईस्ट इंडिया कंपनी ने पेश किया था। आजादी से पहले अंग्रेजों के शासन काल में तत्कालीन वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने 7 अप्रैल 1860 को ये बजट पेश किया गया था।
2. आजाद भारत का पहला बजट षणमुखम चेट्टी ने पेश किया :
आजाद भारत में पंडित जवाहर लाल नेहरू की अगुवाई में बनी पहली सरकार में आरके षणमुखम चेट्टी पहले वित्‍त मंत्री बने थे। उन्‍होंने 26 नवंबर 1947 को आजाद देश का पहला बजट पेश किया था।
3. इस साल पहली बार हिंदी में बना बजट :
आजादी के बाद बनी सरकारें अंग्रेजी में ही बजट तैयार करवाती रही। 1955-56 में पहली बार बजट भाषण को हिंदी में तैयार करवाया गया। तब से लगातार बजट भाषण हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार होते आ रहा है। हालांकि वित्‍त मंत्री अपनी सुविधा के हिसाब से हिंदी या अंग्रेजी में बजट भाषण पढ़ते हैं।
4. 2001 से 11 बजे पेश होने लगा बजट :
भारत देश 1947 में आजाद तो हो गया था, लेकिन देश में आम बजट को पेश करने की अंग्रेजों वाली परंपरा लंबे समय तक चलती रही। आम बजट की घोषणा पहले फरवरी के आखिरी दिन में शाम 5 बजे की जाती थी। ऐसा इसलिए क्योंकि उस वक्त ब्रिटेन में बाजार खुलने का समय होता था, लेकिन 2001 से आम बजट संसद में 11 बजे से पहले पेश होने लगा।

Source: Bhaskarhindi.com

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.