ज्येष्ठ पूर्णिमा 2021: इस वर्ष बन रहा ये संयोग, जानें कैसे लें इसका लाभ और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त
हिन्दू धर्म में अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का अत्यधिक महत्व है। इन दोनों ही तिथियों को माह के अनुसार अलग अलग रूपों में मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखा जाता है और भगवा विष्णु की विधि विधान से पूजा की जाती है। ज्येष्ठ माह को धर्म कर्म की दृष्टि से विशेष माना गया है। इस माह में पूर्णिमा व्रत कल यानी कि गुरुवार 24 जून को है। ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा पर पितरों की विशेष पूजा करना चाहिए और ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए। इस दिन कई स्थानों पर महिलाएं वट वृक्ष की पूजा भी करती हैं।
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