वैदिक मंत्रोचार के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, जय बद्री विशाल के गूंजे जयकारे

हाईलाइट
- बद्रीनाथ धाम के बिना अधूरी मानी जाती है चारों धाम यात्रा
- अब से 6 महीने तक बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले रहेंगे
- बद्रीनाथ धाम को कहा जाता है धरती का वैकुण्ठ
चारों धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। पूरे विधि विधान और वैदिक मंत्रोचार के साथ शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर कपाट खोले गए। इस दौरान भक्तों ने जय बद्री विशाल के जयकारे लगाए, बता दें कि अब से 6 महीने तक धाम के कपाट खुले रहेंगे।
उत्तराखण्ड की इस चार धाम की यात्रा में बद्रीनाथ धाम को चौथा पड़ाव को माना जाता है। गंगा का उद्गम मानने जाने वाले गंगोत्री धाम और उत्तरकाशी जिले की यमुना घाटी में स्थित यमुनोत्री धाम के बाद श्रद्धालू केदारनाथ के दर्शन करते हैं और आखिर में बद्रीनाथ धाम पर आकर यह यात्रा पूरी होती है। मान्यता के अनुसार केदारनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के बाद यदि आपने बद्रीनाथ धाम की यात्रा नहीं की तो आपकी चारधाम यात्रा अधूरी मानी जाती है।
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