GST काउंसिल की बैठक शुरू, लोकसभा चुनाव से पहले सरकार का बड़ा दांव

NEWS HIGHLIGHTS
- Goods and services tax (GST) Council की बैठक आज
- वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होगी बैठक
- लोकसभा चुनाव से पहले सरकार दे सकती है बड़ी राहत
लोकसभा चुनाव से पहले केन्द्र सरकार आम जनता का बड़ी राहत देने जा रही है। मोदी सरकार GST के दांव से लोगों को लुभाने की कोशिश करेगी। आज (शनिवार) को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में Goods and services tax (GST) Council की बैठक शुरू हो चुकी हैं। बैठक में राहत मिलने की संभावना है। इस बैठक में सीमेंट, TV, वाशिंग मशीन, वीडियो गेम कंसोल्स, पावर बैंक, एयरकंडीशनर, कूलर, पंखे, माइक्रोवेव और डिजिटल कैमरे समेत कई चीजों को 28 फीसदी की ऊंची स्लैब से नीचे लाकर राहत दी जा सकती है। इसके साथ ही सरकार पहले ही साफ कर चुकी हैं कि सिगरेट और तांबकू प्रोडक्ट को 28% के GST दायरे से बाहर नहीं किया जाएगा। वहीं विमान, लग्जरी गाड़ियों पर टैक्स कटौती की उम्मीद नहीं है।
बता दें कि GST की 28 फीसदी की स्लैब में अभी 35 उत्पाद हैं और इसमें 12-14 वस्तुओं को इस टैक्स स्लैब से बाहर लाए जाने की उम्मीद है। 100 रुपये से ज्यादा वाले सिनेमा टिकट भी सस्ते हो जाएंगे। यही नहीं, 5-स्टार होटलों में स्टे पर लगने वाले टैक्स में भी कटौती की उम्मीद है। इससे सरकार के राजस्व में 20 हजार करोड़ रुपये तक कमी की जा सकती है।
बता दें कि GST की 28 फीसदी की स्लैब में अभी 35 उत्पाद हैं और इसमें 12-14 वस्तुओं को इस टैक्स स्लैब से बाहर लाए जाने की उम्मीद है। 100 रुपये से ज्यादा वाले सिनेमा टिकट भी सस्ते हो जाएंगे। यही नहीं, 5-स्टार होटलों में स्टे पर लगने वाले टैक्स में भी कटौती की उम्मीद है। इससे सरकार के राजस्व में 20 हजार करोड़ रुपये तक कमी की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर को संकेत दिया था कि 99 फीसदी वस्तुओं और सेवाओं को 28 फीसदी की ऊंची स्लैब से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने कहा था कि अब सिर्फ 1 फीसदी आइटम ही 28% GST दायरे में रहेंगी। वहीं अन्य आइटम 18% या उससे कम GST दायरे में रहेंगी। पीएम मोदी ने कहा कि GST के लागू होने से पहले टैक्स देने वाले व्यापारियों की संख्या केवल 65 लाख थी, जो कि 1 जुलाई 2017 के बाद से अब बढ़कर 1.20 करोड़ हो गई है। GST के लागू होने के बाद 55 लाख नए व्यापारी टैक्स सिस्टम से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उद्यमी लोगों को एक साफ-सुथरी, सरल, इंस्पेक्टर राज से मुक्त व्यवस्था मिल रही है। पूरे भारत ने एक-मन होकर, इतने बड़े टैक्स रिफॉर्म को लागू करने के लिए प्रयास किया।
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