हैदराबाद हाउस में गले मिले मोदी और पुतिन, S-400 मिसाइल डील किए हस्ताक्षर
NEWS HIGHLIGHTS
- दो दिवसीय भारत दौरे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- 19 वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे पुतिन
- S-400 मिसाइल डील पर होगा करार
दो दिवसीय भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों नेताओं ने हैदराबाद बाउस में गले मिलकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। दोनों नेता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। 19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रूसी रक्षा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं। भारत और रूस के बीच बहुप्रतिक्षित S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इस डील के तहत भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के 5 सेट खरीदेगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय वार्ता के बाद नई दिल्ली में इस डील पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी भारत और रूस ने करार किए हैं।

बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दो दिन के आधिकारिक दौरे पर हैं। पुतिन शाम 6 बजकर 40 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचे। यहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनकी अगवानी की। इसके बाद शाम 7 बजकर 40 मिनट पर पुतिन ने पीएम आवास पर नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने अपने आवास पर गले लगाकर पुतिन का स्वागत किया। दोनों राष्ट्र प्रमुखों के बीच यहां द्विपक्षीय बैठक भी हुई। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पुतिन का तीसरा भारत दौरा है, जो हर लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पीएम के साथ हुई अहम बैठक
इन मुद्दों पर होगी बातचीत
दोनों देश के बीच बातचीत का प्रमुख एजेंडा व्यापार साझेदारी में विशेषाधिकार के अहम पहलुओं पर चर्चा है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान होगा। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देना और ईरान से कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा पुतिन की यात्रा के केंद्र में होगी। सूत्रों ने कहा कि मोदी और पुतिन ईरान से कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के असर को लेकर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा दोनों नेताओं के रूसी रक्षा कंपनियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को देखते हुए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का जायजा लेने की संभावना है।
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