Google के 20 साल पूरे, जानिए कैसे दो लोगों के बनाए सर्च इंजन ने दुनिया में जमाई पैठ

NEWS HIGHLIGHTS
- गूगल इंटरनेट की दुनिया में एक ऐसा शब्द है जिससे शायद ही कोई इंसान अंजान होगा।
- करीब 20 साल पहले शुरू किया गया यह सर्च इंजन आज हर आदमी की जरूरत बन गया है।
- गूगल की शुरुआत आज के दिन यानि 4 सितंबर को ही की गई थी।
डिजिटल डेस्क, कैलिफॉर्निया। गूगल इंटरनेट की दुनिया में एक ऐसा शब्द है जिससे शायद ही कोई इंसान अंजान होगा। करीब 20 साल पहले शुरू किया गया यह सर्च इंजन आज हर आदमी की जरूरत बन गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया का सबसे बड़े इस सर्च इंजन की शुरुआत आज ही के दिन यानि 4 सितंबर को ही की गई थी। साल 1998 में शुरु हए इस सर्च इंजन ने इन 20 सालों में दुनिया भर में अपनी धाक जमाने के साथ-साथ खुद में बहुत सारे ट्रांसफॉर्मेशन किए। आइए जानते हैं गुगल की कहानी और यह क्यों जरूरी है।

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गूगल की स्थापना कैलीफॉर्निया की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के दो छात्र लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने 4 सितंबर 1998 को की थी। उस वक्त इन दोनों ने गूगल वेबसाइट के लिए स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी की ऑफिशल वेबसाइट में एक पेज बनाया गया था। हालांकि स्टैनफॉर्ड की IT विभाग की शिकायत के बाद इसे अलग कर लिया गया।

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गूगल का नाम Googol शब्द से पड़ा है। यह शब्द मैथ्स में इस्तेमाल किया जाता है। इस शब्द का मतलब 1 के बाद 100 जीरो से है।
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गूगल ने अपना डॉमेन Google.com 15 सितंबर 1997 को रजिस्टर्ड कराया था। हालांकि कंपनी ने अपना काम 1998 में करना शुरू किया। वहीं यह कंपनी अपना जन्मदिन 27 सितंबर को मनाती है।

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गूगल का पहले BackRub नाम से जाना जाता था। शुरुआत में इस कंपनी का मोटो था। वर्ल्ड की सभी इनफॉर्मेशन को इकट्ठा करना और इसे अरेंज करके सभी लोगों के लिए क्रेडिबल बनाना।

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गूगल ने करीब दस साल पहले अपना एक ब्राउजर गूगल क्रोम लॉन्च किया था। इस ब्राउजर ने पिछले दस सालों में भारत समेत दुनियाभर के यूजर्स का दिल जीता है। आज की तारीख में यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ब्राउजर है।

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गूगल का हेडक्वॉर्टर अमेरिका के कैलिफॉर्निया शहर के माउंटेन व्यू में स्थित है। इस जगह को गूगलप्लेक्स के नाम से भी जाना जाता है। फिलहाल इसके CEO भारत के सुंदर पिचई हैं। उन्होंने 2015 में CEO का कार्यभआर संभाला था।

7/8गूगल ऑफिस के अंदर का दृश्य
गूगल ने अब तक 200 कंपनियां खरीदी हैं। गूगल ने 2000 में एडवर्ड्स की शुरुआत की। यह आज की तारीख में ऑनलाइन एड देने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।
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गूगल अब सर्च के अलावा ई-मेल सेवा Gmail (2004), youtube (2006 में खरीदा), cloud computing, google plus, google chrome, वीडियो कॉलिंग एप google duo, hangout, google maps जैसे कई जरूरी एप्लिकेशन निकाल चुका है। 2007 में गूगल ने गूगल एंड्रॉयड को भी खरीद लिया। 2016 में गूगल ने गूगल होम की शुरुआत की। इसके जरिए हम घर के सारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बोल कर चला सकते हैं। गूगल फॉर इंडिया ने कहा है कि गूगल अब ट्रेन की लोकेशन भी बताएगा।
Google हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा क्यों बन गया है?
Google के पास हर तरह की जानकारी मौजूद है, जरूरत है तो बस लोगों के एक क्लिक की। यह जानकारी हाइपर लिंक के रूप में उपलब्ध है। Google कभी भी अपने यूजर्स को निराश नहीं करता क्योंकि शायद ही कभी होता है कि Google के पास जवाब नहीं होता। अरबों यूजर्स बस इसी सोच के साथ Google को इस्तेमाल करते हैं। Google इनफॉर्मेशन का हमारा व्यक्तिगत स्रोत बन गया है। गूगल पर ही हम रेडियो, टीवी, लाइब्रेरी, म्यूजिक, मैप, टेलीफोन और ऐसी सभी चीज पा सकते हैं जो हमारे लिए जरूरी है। इसके साथ ही गूगल किसी भी जानकारी को ढ़ुढ़ने में समय भी बचाता है। यही वजह है कि आज के समय में घर हो या ऑफिस, हर जगह गूगल अपनी पैठ जमा चुका है।
Source: Bhaskarhindicom
Google के पास हर तरह की जानकारी मौजूद है, जरूरत है तो बस लोगों के एक क्लिक की। यह जानकारी हाइपर लिंक के रूप में उपलब्ध है। Google कभी भी अपने यूजर्स को निराश नहीं करता क्योंकि शायद ही कभी होता है कि Google के पास जवाब नहीं होता। अरबों यूजर्स बस इसी सोच के साथ Google को इस्तेमाल करते हैं। Google इनफॉर्मेशन का हमारा व्यक्तिगत स्रोत बन गया है। गूगल पर ही हम रेडियो, टीवी, लाइब्रेरी, म्यूजिक, मैप, टेलीफोन और ऐसी सभी चीज पा सकते हैं जो हमारे लिए जरूरी है। इसके साथ ही गूगल किसी भी जानकारी को ढ़ुढ़ने में समय भी बचाता है। यही वजह है कि आज के समय में घर हो या ऑफिस, हर जगह गूगल अपनी पैठ जमा चुका है।
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