भीमा कोरेगांव LIVE: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा गिरफ्तारी का मामला, दोपहर 3.45 बजे सुनवाई

NEWS HIGHLIGHTS
- भीमा कोरेगांव हिंसा और पीएम की हत्या की साजिश के मामले में अब तक 4 राज्यों से 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- सुधा की गिरफ्तारी पर देर रात तक हंगामा चलता रहा। महाराष्ट्र पुलिस सुधा को पुणे ले जाना चाहती थी।
- पुलिस ने फरीबाद की लोअर कोर्ट से सुधा की रिमांड भी ले ली थी, लेकिन सुधा के वकील हाईकोर्ट पहुंच गए, जहां से उन्हें राहत मिल गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा और पीएम की हत्या की साजिश के मामले में अब तक 4 राज्यों से 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी वामपंथी विचारधारा के समर्थक माने जाते हैं। कुछ नामचीन हस्तियां इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे और माया दरनाल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग की है, जिसके बाद दोपहर 3.45 बजे इस पर सुनवाई होगी। बता दें कि मंगलवार को पुलिस ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता वेरनॉन गोंजाल्विस, प्रोफेसर पी वरवर राव, अरुण फरेरा और पत्रकार गौतम नवलखा को गिरफ्तार कर किया था।
LIVE UPDATES
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11. 45 AM : फरीदाबाद डीसीपी ने सुधा भारद्वाज की गिरफ्तारी के मामले में कहा, 'सुधा को कल हाईकोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। तब तक वो पुलिस की निगरानी में रहेंगी। मीडिया को उनसे नहीं मिलने दिया जा सकता, लेकिन वो अपने वकीलों से मुलाकात कर सकती हैं।
11. 05 AM : जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा ने कहा, 'अगर सरकार के पास माओवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सबूत हैं तो उन्हें सामने लाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो यह लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
10. 50 AM : रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे और माया दरनाल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग की है, जिसके बाद दोपहर 3.45 बजे इस पर सुनवाई होगी।
10. 40 AM : गौतम नवलखा का केस दिल्ली हाईकोर्ट में दोपहर 2.15 बजे सुना जाएगा। गौतम से बरामद दस्तावेजों को मराठी से अंग्रेजी में परिवर्तित करने लिए पुलिस समय चाहती है। कोर्ट ने 12 बजे तक दस्तावेज जमा करने को कहा है।
09. 20 AM : वेरनॉन गोंजाल्विस की पत्नी सुजेन अब्राहिम ने कहा कि ये सब सरकार के दबाव के कारण किया जा रहा है।
गिरफ्तार की गईं छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता और सिविल राइट्स एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को कोर्ट ने 30 अगस्त तक फरीबाद में ही रखने का आदेश दिया है। सुधा की गिरफ्तारी पर देर रात तक हंगामा चलता रहा। महाराष्ट्र पुलिस सुधा को पुणे ले जाना चाहती थी। पुलिस ने फरीबाद की लोअर कोर्ट से सुधा की रिमांड भी ले ली थी, लेकिन सुधा के वकील हाईकोर्ट पहुंच गए, जहां से उन्हें राहत मिल गई। सुधा भारद्वाज ने मीडिया को बताया, ''पुलिस ने लैपटॉप मोबाइल पेन ड्राइव सब जब्त कर लिया है, इसके साथ ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स के पासवर्ड भी ले लिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम नौलखा को दिल्ली में रखने का आदेश दिया है।
किसे कहां से किया गिरफ्तार?
मुंबई से वरनॉन गोंज़ाल्विस और अरुण पारेइरा, दिल्ली से मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार गौतम नवलखा, फरीदाबाद से सिविल राइट्स वकील सुधा भारद्वाज, हैदराबाद से कवि वरवर राव, रांची में स्टेन स्वामी, ठाणे से अरुण फरेरा और गोवा से आनंद तेलतुंबडे को गिरफ्तार किया गया है।
मुंबई से वरनॉन गोंज़ाल्विस और अरुण पारेइरा, दिल्ली से मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार गौतम नवलखा, फरीदाबाद से सिविल राइट्स वकील सुधा भारद्वाज, हैदराबाद से कवि वरवर राव, रांची में स्टेन स्वामी, ठाणे से अरुण फरेरा और गोवा से आनंद तेलतुंबडे को गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे समझिए भीमा कोरेगांव की हिंसा?
जनवरी 2018 में महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी। 29 दिसंबर से झगड़ा शुरू हुआ था। इस दिन पुणे के वडू गांव में दलित गोविंद महाराज की समाधि पर हमला हुआ था। मिलिंद एकबोटे के संगठन हिंदू एकता मोर्चा पर इसका आरोप लगा था। इस मामले में एफआईआर भी हुई थी। दलित समाज के लोग 1 जनवरी को भीमा कोरेगांव में शौर्य दिवस मनाने इकट्ठा हुए। इस दौरान सवर्णों और दलितों के बीच हिंसा हुई, जिसमें एक शख्स की जान चली गई।
दूसरा मामला पीएम की हत्या की साजिश वाली चिट्ठी का
गिरफ्तार किए गए लोगों पर कोरेगांव हिंसा के अलावा प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है। इस मामले में पुलिस ने जून में दलित कार्यकर्ता सुधीर धवाले, कार्यकर्ता महेश राउत, वकील सुरेंद्र गाडलिंग, नागपुर से शोमा सेन और दिल्ली से रोना विल्सन को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी रोना विल्सन के घर से मिली एक चिट्ठी मिली थी, जिसमें राजीव गांधी की हत्या जैसी प्लानिंग का जिक्र था। चिट्ठी में पीएम मोदी को निशाना बनाने की बात थी। इसके बाद पुलिस ने करीब 250 ईमेल की छानबीन भी की थी।
तैयार की जा रही थी पीएम की हत्या की स्क्रिप्ट?
पुलिस का दावा है कि पत्र में लिखा है, ‘’15 राज्यों में मोदी बीजेपी को स्थापित करने में सफल हुए हैं। ऐसा ही चलता रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए दिक्कत हो सकती थी। कॉमरेड किसन और कुछ सीनियर कॉमरेड्स ने मोदी राज को खत्म करने के लिए मजबूत कदम सुझाए हैं। सभी राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर भी विचार कर रहे हैं। इसकी संभवनाएं हैं कि हम असफल हो जाएं। पार्टी को हमारे प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। रोड शो में प्रधानमंत्री को टारगेट करना एक असरदार रणनीति हो सकती है।
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