मानसून सत्र का आखिरी दिन, तीन तलाक बिल पर आज उच्च सदन में हंगामे के आसार

NEWS HIGHLIGHTS
- भाजपा ने व्हिप जारी कर सभी सांसदों से उपस्थित रहने को कहा।
- गुरुवार को तीन तलाक बिल में तीन अहम बदलाव को मंजूरी गई थी।
- पीड़ित महिला की दलील सुनने के बाद पति को जमानत मिल सकेगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मानसून सत्र के आखिरी दिन आज (शुक्रवार) लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश होगा। बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के हंगामा करने की भी संभावना है। भारतीय जनता पार्टी ने व्हिप जारी कर सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है। बता दें कि गुरुवार को तीन तलाक बिल में तीन अहम बदलाव को मंजूरी गई थी। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कैबिनेट बैठक कहा, 'पति और पत्नी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाना चाहते हैं तो मजिस्ट्रेट कुछ शर्तों के साथ मजिस्ट्रेट माफी दे सकेंगे। पति के अचानक तीन तलाक देने और निकाह तोड़ देने पर पीड़ित महिला या उसके खून के रिश्ते में आने वाला कोई व्यक्ति ही पुलिस में एफआईआर करवा सकेगा। पीड़ित महिला की दलील सुनने के बाद पति को जमानत मिल सकेगी। अपने नाबालिग बच्चों के लिए पीड़िता गुजारा-भत्ता और कस्टडी की मांग भी कर सकती है।
बिल का समर्थन या विरोध करेगी कांग्रेस?: रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में लंबित तीन तलाक बिल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रसाद ने सवाल किया कि कांग्रेस राज्यसभा में तीन तलाक बिल का समर्थन करेगी या नहीं? बता दें कि अगस्त 2017 में पांच जजों की बेंच तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को गैरकानूनी करार दे चुकी है। पांच जजों की बेंच में यह बिल 3 और 2 के अनुपात से बहुमत के आधार पर पास हो गया था। इस फैसले के बाद सरकार ने इसके खिलाफ कानून बनाने को कहा था।
Source: https://www.bhaskarhindi.com/news/last-day-of-monsoon-session-three-amendments-have-been-made-on-triple-talaq-bill-in-look-sabha-45363
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में लंबित तीन तलाक बिल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रसाद ने सवाल किया कि कांग्रेस राज्यसभा में तीन तलाक बिल का समर्थन करेगी या नहीं? बता दें कि अगस्त 2017 में पांच जजों की बेंच तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को गैरकानूनी करार दे चुकी है। पांच जजों की बेंच में यह बिल 3 और 2 के अनुपात से बहुमत के आधार पर पास हो गया था। इस फैसले के बाद सरकार ने इसके खिलाफ कानून बनाने को कहा था।
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