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पीनियल ग्लैंड : क्या होती है पीनियल ग्लैंड


डिजिटल डेस्क, भोपाल। पीनियल ग्लैंड हमारे मस्तिष्क के पीछे मध्य भाग में स्थित होती है जो बहुत छोटे आकार की होती है। यह सूझबूझ, तत्काल निर्णय एवं सतर्कता और शरीर का पूरा प्रबंध करने का कार्य करती है। इसे तीसरी आँख भी कहा जाता है। कहते हैं कि पीनियल ग्लैंड में ही हमारी आत्मा होती है। पीनियल ग्लैंड हमारे ब्रेन में एक छोटे से कण या छोटे से चावल के दाने के बराबर होती है... peniel gland is the primary seat of the soal. हमारी आत्मा भी पीनियल ग्लैंड में ही होती है।

कपाल क्रिया क्या होती है ?

हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद मृतक का दाह संस्कार किया जाता है या मृत देह को अग्नि को समर्पित किया जाता है। दाह संस्कार के समय कपाल क्रिया भी की जाती है। दाह संस्कार के समय कपाल क्रिया क्यों की जाती है? इसका वर्णन गरुड़पुराण में मिलता है। गरुड़पुराण के अनुसार जब शवदाह के समय मृतक के सिर पर घी की आहुति दी जाती है तथा तीन बार डंडे से प्रहार कर खोपड़ी फोड़ी जाती है इसी प्रक्रिया को कपाल क्रिया कहा जाता है। दरअसल हमारी आत्मा पीनियल ग्लैंड में होती है। ये पीनियल ग्लैंड छोटा सा चावल का कण है जिसमें लिक्विड फ्लो करता रहता है। इसमें पीजो इलेक्ट्रिकल प्रॉपर्टीज होती हैं यह हमारे जीवन की कॉन्शियसनेस का बहुत बड़ा अंग होता है।

पीनियल ग्लैंड कभी-कभी डिस्टर्ब या कैल्सिफाई भी हो जाती है। इसका कारण है रोजमर्रा की जिंदगी में हमारा खान-पान। रोजमर्रा की जिंदगी में हमारा जो खान-पान होता है वो निर्धारित तथा पौष्टिक नहीं होता जो पीनियल ग्लैंड को नुकसान पहुंचाता है। इसके लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं जिससे पीनियल ग्लैंड डीकैल्सिफाई हो जाता है।

एक प्रोडक्ट आता है PGD (पीनियल ग्लैंड डीकैल्सिफाई) इसका सेवन कर सकते हैं, इसके सेवन से पीनियल ग्लैंड डीकैल्सिफाई होता है और ये आपके शरीर को बहुत फायदा भी पहुंचाता है। यदि आप PGD नहीं लेना चाहते हैं तो आप केला, पाइनेप्पल भी खा सकते हैं। पीनियल ग्लैंड का नाम भी पाइनेप्पल से ही रिलेट कर रखा गया है। पीनियल ग्लैंड का शेप भी पाइनेप्पल की तरह ही होता है। नारियल पानी का भी आप सेवन कर सकते हैं इससे भी काफी हद तक आपको फायदा पहुंचेगा। इन चीजों से आप पीनियल ग्लैंड को डी-कैल्सिफाई कर सकते हैं। इससे आपकी कॉन्शियसनेस में शार्पनेस आती है।

Source: Bhaskarhindi.com

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