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विवाह रेखा से जानिए कैसा रहेगा आपका वैवाहिक जीवन



डिजिटल डेस्क, भोपाल। विवाह के बिना समाज में स्त्री और पुरुष का रिश्ता मान्य नहीं होता। जीवन में विवाह के बारें में सटीक भविष्यवाणी करनी हो तो ज्योतिषी हाथों की विवाह रेखा  का अध्ययन करते हैं। सुखी जीवन का आधार दाम्पत्य सुख ही है। परिवार का सुचारू संचालन पति-पत्नी में आकर्षण, प्रेम, समर्पण एवं विश्वास पर टिका हुआ होता है। इनका अभाव दाम्पत्य जीवन को नरक तुल्य बना देता है। हथेली में विवाह रेखा बहुत ही छोटी होती है परंतु व्यक्ति के जीवन में बहुत प्रभावशाली होती है। हाथ की रेखाओं का अध्ययन करते समय हम विवाह रेखा की उपेक्षा नहीं कर सकते।

कहां होती हैं विवाह रेखा ? 

विवाह रेखा कनिष्टका यानि सबसे छोटी ऊंगली के निचले हिस्से में जिसे बुध पर्वत कहते हैं वहां आड़ी होती हैं। यह कई जातकों के हाथों में एक से अधिक भी होती हैं।

विवाह रेखा का फल
  • एक से अधिक विवाह रेखाओं के संदर्भ में वह रेखा मान्य होती है जो सबसे अधिक गहरी और स्पष्ट हो बाकि रेखा संबंधों के बिछड़ने या टूटने के संकेत देती हैं।
     
  • अधिक विवाह रेखाएं तलाक, विवाहोत्तर संबंध, बेवफा रिश्तों आदि की संकेतक होती हैं।
     
  • अगर दो विवाह रेखाएं हैं और एक स्पष्ट बेहद गहरी और दूसरी महीन लेकिन बुध पर्वत तक विकसित है तो यह जातक के जीवन में दो शादियों की सूचना देती है।
     
  • अगर विवाह रेखा ऊपर की तरफ आती हुई हृदय रेखा से मिले या फिर विवाह रेखा पर तिल हो या क्रॉस का निशान हो तो शादी में बहुत कठिनाइयां होती हैं।
     
  • विवाह रेखा स्वास्थ्य रेखा से स्पर्श करे तो भी विवाह नहीं होता है।
     
  • अगर विवाह रेखा पर एक से अधिक द्वीप हों या काला तिल हो तो यह जीवन भर अविवाहित होने का भय पैदा करता है।
     
  • यदि किसी स्त्री के हाथ में विवाह रेखा के आरंभ में द्वीप चिन्ह हो तो उसका विवाह किसी धोखे से होगा।
     
  • यदि विवाह रेखा रिंग फिंगर (अनामिका) के नीचे सूर्य रेखा तक गई हो तो उस व्यक्ति का विवाह किसी विशिष्ट व्यक्ति से होता है।

    Source: Bhaskarhindi.com

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