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ATM में नो कैश, पैसों के लिए देश में मचा हाहाकार, जेटली बोले- किल्लत से निपटा जा रहा है

ATM में नो कैश, पैसों के लिए देश में मचा हाहाकार, जेटली बोले- किल्लत से निपटा जा रहा है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली । देश में नवंबर 2016 के बाद एक फिर नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए है। ATM मशीनों में कैश नहीं है और बार ही 'नो कैश' के बोर्ड नजर आ रहे हैं। ऐसा हाल देश के कई राज्यों का है। खासकर छोटे शहरों में एटीएम से कैश नहीं निकल रहा है। लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए रिजर्व बैंक और सरकार को आगे आना पड़ा। रिजर्व बैंक के सूत्रों का कहना है कि अब अर्थव्यवस्था में नकदी की हालत नोटबंदी के पहले वाले दौर से भी बेहतर है, ऐसे में इस संकट की वजह दूसरी है।
रिजर्व बैंक ने इन राज्यों में नकदी की आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए हैं और उम्मीद जताई है कि जल्दी ही हालात सामान्य हो जाएंगे। रिजर्व बैंक के सूत्रों का कहना है कि असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में लोगों के जरूरत से ज्यादा नकदी निकालने की वजह से ये संकट खड़ा हुआ है।
देश भर के एटीएम में कैश न होने की खबर के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली सामने आए और कहा कि हमने देश में करेंसी की स्थिति पर समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त मात्रा में कैश सरकुलेशन में है और ये बैंक में मौजूद भी है। अचानक कई राज्यों से पैसों की कमी की सूचना आ रही है वो जल्द ही इसका निवारण कर लिया जाएगा।
इधर वित्त राज्यमंत्री का कहना है कि कैश की कोई किल्लत नही हैं, ये अलग बात है कि कहीं कम है तो कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि 2-3 दिन में सब ठीक हो जाएगा।

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क्या है कैश की किल्लत का कारण
बता दें कि पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था। इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया। इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है। गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपए तक आ जाते हैं। पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है।
इसके अलावा समस्या का एक कारण ये भी है कि 200 के नोट के लिए एटीएम तैयार नहीं हैं। अभी तक महज 30 फीसदी एटीएम ही 200 रुपए को लेकर कैलीब्रेट हो सके हैं। यानी 70 फीसदी एटीएम 200 का नोट देने में सक्षम ही नहीं हैं। इतना ही नहीं आरबीआई की रैंडम जांच में पाया गया है कि करीब 30 फीसदी एटीएम औसतन हर समय खराब रहते हैं।

Source: Bhaskarhindi.com

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