जिसे आप शुद्ध समझ कर खाते हैं उनमें होती है गंदगी की मिलावट

डिजिटल डेस्क । हर चीज घर पर बनााना मुमकिन नहीं हैं इसलिए हम कई खाने-पीने के आइटम को लेकर बाजार पर निर्भर हैं, लेकिन क्या आप जानते है जिन चीजों को लेकर शुद्धता का दावा किया जाता है, उनमें मिलावट की सारी हदें पार होती हैं। मिलावट ये कहानियां अगर आप जान जाएंगे तो शायद कभी भी बाजार से कोई चीज नहीं खरीदेंगे। बता दें किसी में जानवरों का बाल होता है तो किसी में जानवरों का मल। आइए जानते है किस प्रोडक्ट में कितनी गंदगी मिलाई जाती है।
वनीला फ्लेवरिंग में ऊदबिलाव का मल
आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ वनीला फ्लेवर्ड डिजर्ट्स जिन्हें आप हर दिन खाते हैं में एक इन्ग्रीडिएंट पाया जाता है जिसे कैस्टोरेअम (नैचरल वनीला फ्लेवर बनाने में इस्तेमाल) कहते हैं। यह इन्ग्रडिएंट हकीकत में ऊदबिलाव के सैक सेंट ग्लैंड से निकलने वाला मल होता है।

झींगुर को कुचलकर बनता है खाने वाला लाल रंग
आपके फेवरिट रेड वेलविट केक या योगर्ट में इस्तेमाल होने वाले लाल रंग के फूड कलर में कैरमीन नाम का इन्ग्रीडियंट पाया जाता है जो कोकीनियल बग्स (एक तरह का झींगुर) को उबालने पर प्राप्त होता है। इस तरह के रंगों का इस्तेमाल आमतौर पर केचप, सिरप, आइसक्रीम और रेड वेलविट केक के मिक्स में किया जाता है।

कैन्ड मशरूम में भुना होता है
FDA रेग्युलेशन्स के मुताबिक, कैन्ड यानी डिब्बाबंद मशरूम के हर 100 ग्राम के जार में 20 या इससे अधिक मैगॉट्स यानी भुनगा होता है और यही भुनगा मशरूम को फ्रेश रखने में मदद करता है।

पीनट बटर में जानवर का बाल
अगर आपको भी ब्रेड पर पीनट बटर लगाकर खाना पसंद है तो आपको पता होना चाहिए कि इसमें मूंगफली के अलावा भी कई चीजें मिली होती हैं। फूड एंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (FDA) का दावा है कि पीनट बटर यानी मूंगफली के मक्खन की हर बोतल में एक या उससे अधिक रॉडेंट यानी चूहे और गिलहरी जैसे जानवरों का बाल होता है। इसके अलावा पीनट बटर में कीट-पतंगों के टुकड़े भी पाए गए हैं। हालांकि इन चीजों से इंसान के शरीर को किसी तरह का खतरा होने की बात अब तक सामने नहीं आयी है।

जेली बीन्स में होता है कीट-पतंगों का मल
क्या आपने कभी सोचा है कि कैंडीज और जेली बीन्स इतनी चमकीली कैसे दिखती हैं? ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि फीमेल बग केरिया लाक्का से रेजिन प्रोसेस्ड होकर निकलता है और कैंडीज और जेलीज को इसके रस और एथनॉल के मिक्सचर से कोट किया जाता है। ये दोनों मिलकर जेलीज को परफेक्ट कोटिंग और लॉन्ग शेल्फ लाइफ देते हैं।

फिग यानी अंजीर में होते हैं मरे हुए कीट-पतंगे
अंजीर दरअसल फल नहीं बल्कि फूल का परिवर्तित रूप है जिसमें ततैया नाम का एक कीट होता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो फीमेल ततैया मेल फिग यानी अंजीर के अंदर अपना लार्वा रखती है और अंजीर के अंदर ही मर जाती है और उसे ही हम हर बार अंजीर के साथ खाते हैं। अंजीर में फिसिन नाम का एन्जाइम होता है जो हर बार टूट कर हेल्दी प्रोटीन में ट्रांसफॉर्म होता है।
कैंडीज में होती ही सूअर की चमड़ी
हर तरह की कैंडीज और जेलेटिन से बनने वाले डिजर्ट्स में कोलाजन (कलरलेस और टेस्टलेस पानी में घुलने वाला प्रोटीन) नाम का बेहद अहम इन्ग्रीडियंट पाया जाता है जो सूअर और मवेशियों की त्वचा, हड्डी और कनेक्टिव टीशूज से निचोड़ कर प्राप्त किया जाता है।
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