सरकार के खजाने में बढ़ोत्तरी, टैक्स कलेक्शन 18% बढ़ा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद देश में महंगाई तो बढ़ी, लेकिन अर्थव्यवस्था को इससे काफी मुनाफा हुआ है। देश में टैक्स का दायरा और इसके कलेक्शन में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। नए वित्त वर्ष में मंत्रालय ने टैक्स से संबंधित आंकड़े जारी करते हुए बताया कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन अपने टारगेट को भी पार कर गया है। आंकड़ों के हिसाब से वित्त वर्ष 2017-18 में टैक्स कलेक्शन 18 प्रतिशत अधिक रहा है, जिससे सरकार को 10 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 10 लाख दो हजार 607 करोड़ रुपये रहा है। जो कि पिछले वित्त वर्ष से 18 प्रतिशत अधिक है। अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने देश की इकोनॉमी को उच्चस्तर का औपचारिक (फॉरमलाइजेशन) बनाया है। जिससे डायरेक्ट टैक्स का राजस्व बढ़ा है और आयकर रिटर्न फाइलिंग भी तेजी से बढ़ी है।
करदाताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई
जेटली ने ट्वीट कर कहा 'नोटबंदी और जीएसटी के असर से अर्थव्यवस्था औपचारिक रूप से हाईलेवल तक बढ़ी है। वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले वित्त वर्ष 2017-18 में एक करोड़ से ज्यादा करदाताओं ने आयकर रिटर्न दाखिल किया है। उन्होंने ये भी कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की दक्षता और ईमानदार करदाताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। ऐतिहासिक राजस्व प्राप्त करना पीएम नरेंद्र मोदी के जवाबदेह शासन की पुष्टि करता है।
ITR दाखिल करने वालों की संख्या बढ़ी
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में नए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1 करोड़ के आसपास पहुंच गई है। 2017-18 में कुल 6.84 फीसदी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हुए। जो पिछले साल के मुकाबले 26 प्रतिशत ज्यादा है। 2016-17 तक रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या 5.43 करोड़ थी। 6.84 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न में 6.74 करोड़ ITR ऑनलाइन फाइल किए गए है। वित्त वर्ष के अंतिम दिन 30 से 31 मार्च के बीच लगभग 56 लाख इनकम टैक्स रिटर्न दायर किए गए है।
बढ़ते आंकड़ों से खुश सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने बयान जारी कर कहा है कि ITR फाइलिंग में बढ़ोत्तरी और नए ITR दाखिल होने के पीछे आयकर विभाग की मेहनत हैं। इनकम टैक्स विभाग ने टैक्स ना फाइल करने वालों को कई तरह से टैक्स फाइल करने की जानकारी दी है।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में नए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1 करोड़ के आसपास पहुंच गई है। 2017-18 में कुल 6.84 फीसदी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हुए। जो पिछले साल के मुकाबले 26 प्रतिशत ज्यादा है। 2016-17 तक रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या 5.43 करोड़ थी। 6.84 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न में 6.74 करोड़ ITR ऑनलाइन फाइल किए गए है। वित्त वर्ष के अंतिम दिन 30 से 31 मार्च के बीच लगभग 56 लाख इनकम टैक्स रिटर्न दायर किए गए है।
बढ़ते आंकड़ों से खुश सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने बयान जारी कर कहा है कि ITR फाइलिंग में बढ़ोत्तरी और नए ITR दाखिल होने के पीछे आयकर विभाग की मेहनत हैं। इनकम टैक्स विभाग ने टैक्स ना फाइल करने वालों को कई तरह से टैक्स फाइल करने की जानकारी दी है।
99.49 लाख ज्यादा लोगों ने ITR फाइल किया
पिछले साल के मुकाबले 2017-18 में 99.49 लाख ज्यादा लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है। 2016-17 के मुकाबले 2017-18 में 16.3 फीसदी नए लोगों ने ITR फाइल किया है। 2016-17 में ITR फाइल करने वालों की संख्या 85.85 लाख थी।
Source: Bhaskarhindi.com
पिछले साल के मुकाबले 2017-18 में 99.49 लाख ज्यादा लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है। 2016-17 के मुकाबले 2017-18 में 16.3 फीसदी नए लोगों ने ITR फाइल किया है। 2016-17 में ITR फाइल करने वालों की संख्या 85.85 लाख थी।
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