Breaking

LIVE : सुबह बोर्ड परीक्षाओं में न हो खलल, इसलिए रात भर चलते रहे किसान

LIVE : सुबह बोर्ड परीक्षाओं में न हो खलल, इसलिए रात भर चलते रहे किसान

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में कर्ज माफी की मांग को लेकर शुरू हुआ किसानों का मोर्चा रविवार रात मुंबई के सोमैया मैदान पहुंच गया। ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) के 35,000 से ज्यादा किसान सोमवार को विधानसभा का घेराव करेंगे। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा है कि वो किसानों से बातचीत के लिए तैयार हैं। वहीं विपक्षी दलों ने भी किसानों को समर्थन देना शुरू कर दिया। रविवार को शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने भी इन किसानों से बात की। बता दें कि AIKS के 25 हजार से ज्यादा किसानों ने 5 मार्च से नासिक से अपना मार्च शुरू किया था।

मुंबई के सोमैया मैदान में ही रुके किसान
5 मार्च को नासिक से शुरू हुआ किसानों का ये मार्च शुक्रवार को ठाणे पहुंचा, शनिवार को भिवंडी और रविवार को मुंबई पहुंच गया। मुंबई के सोमैया मैदान में करीब 35 हजार किसानों से रात गुजारी। सोमवार को ये किसान विधानसभा का घेराव करेंगे।

बच्चों को परेशानी न हो इसलिए रात में किया सफर
ये विशाल मोर्चा दिन विधानसभा घेराव के लिए रात दिन चलता रहा, लेकिन रविवार को मुंबई पहुंचने के लिए उन्होंने रातभर सफर किया। इसके पीछे कारण था बच्चों को होने वाली परेशानी। दरअसल आज बच्चों की बोर्ड परीक्षा है। ऐसे में बच्चों की परीक्षा में कोई खलल पैदा न हो इसके लिए किसानों ने सारी रात पैदल यात्रा की। आज परीक्षा खत्म होने के बाद किसान विधानसभा का घेराव करने पहुंच जाएंगे।



View image on TwitterView image on TwitterView image on TwitterView image on Twitter

50,000 farmers walked 180kms, asking for the rightful compensation for their crop. On their last stretch they walked all night making sure they didn’t disturb the SSC board examinations. - 🙏🏽🙏🏽

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी किसानों के समर्थन में ट्वीट किया है। राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है। उन्होंने पीएम मोदी और महाराष्ट्र के  सीएम फडनवीस से किसानों की मांगें मानने की अपील की है।

The mammoth is a stunning example of people’s power. The Congress party stands with the Farmers & Tribals marching to protest against the Central & State Govts. apathy.

I appeal to PM Modi and the CM to not stand on ego and to accept their just demands.


महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी किसानों के आंदोलन को लेकर ट्वीट किया है।



View image on TwitterView image on Twitter

Mondays are a time to share quotes about Motivaton to get to work.Over 35K farmers have walked for days to get to Mumbai.We Mumbaikars are fed by them..Seeing the elderly amongst them with calloused feet,I cannot preach about motivation.Their determination is enough of an example


फडनवीस बोले- हम बातचीत को तैयार

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा है कि वो किसानों से बात करने के लिए तैयार हैं। फडनवीस ने मीडिया से कहा कि 'हम उनसे बात करेंगे और उनके मुद्दों को सुलझाएंगे। सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है। ज्यादातर आंदोलनकारी आदिवासी हैं और उनकी मुख्य मांग वन भूमि अधिकार है।' उन्होंने बताया कि 'उनकी मांगों पर चर्चा के लिए मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है और किसानों को बातचीत के लिए बुलाया है।'

सरकार ने बनाई 6 मंत्रियों की कमेटी
वहीं किसानों का गुस्सा देखते हुए फडनवीस सरकार ने किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए 6 मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है। जिसमें गिरीश महाजन, चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुंडकर, विष्णु सवारा, सुभाष देशमुख और एकनाथ शिंदे शामिल हैं। रविवार को किसानों से बात करने के बाद गिरीश महाजन ने मीडिया को बताया कि 'सोमवार को मुख्यमंत्री जी से इनकी चर्चा होने वाली हैं। इन किसानों के जो प्रमुख हैं, वो जाकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और मुझे लगता है कि इससे पॉजिटिव हल निकल जाएगा।'




क्या है इन किसानों की मांग?
1. किसानों का कर्ज पूरी तरह से माफ किया जाए।
2. किसानों का बिजली बिल भी माफ किया जाए।
3. स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों को लागू किया जाए।
4. जंगल अधिकार कानून को भी लागू किया जाए।

180 किलोमीटर का है ये मार्च
जानकारी के मुताबिक, ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) ने 5 मार्च को सेंट्रल नासिक के CBS चौक से चलना शुरू किया था। हर दिन 30 किलोमीटर चलते हुए ये मार्च 12 मार्च को मुंबई पहुंचेगा और विधानसभा का घेराव करेगा। नासिक से मुंबई के बीच AIKS का ये मार्च 180 किलोमीटर का है। महाराष्ट्र में AIKS को किसानों का समर्थन काफी मिल रहा है। इस मार्च में महाराष्ट्र के बाकी जिलों के किसानों को भी समर्थन मिला है।

कैसे भड़का किसानों का गुस्सा?
मई 2017 में महाराष्ट्र की फडनवीस सरकार के खिलाफ किसानों ने कर्ज माफी की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने किसानों की मांग को मानते हुए 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों का पुराना कर्ज माफ करने का फैसला लिया था। साथ ही नया बैंक लोन देने का भी फैसला लिया था, तब जाकर किसान आंदोलन शांत हुआ। किसानों के मुताबिक सरकार ने 34,000 करोड़ रुपए की कर्जमाफी का ऐलान किया था, लेकिन पिछले 6 महीनों में केवल 13,700 करोड़ का ही कर्ज माफ किया गया है। इसी कारण एक बार फिर से कर्जमाफी को लेकर किसानों ने आंदोलन ने छेड़ दिया।

बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट के लिए जमीन नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक AIKS के सेक्रेटरी राजू देसले ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि 'हम लोग राज्य सरकार से चाहते हैं कि वो सुपर हाईवे और बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट के नाम पर खेती की जमीनें लेना बंद करे।' उन्होंने कहा कि 'पिछले साल फडनवीस सरकार ने किसानों का 34 हजार करोड़ रुपए का कर्ज सशर्त माफ करने की घोषणा के बाद जून से लेकर अब तक महाराष्ट्र में 1753 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।' उन्होंने बताया कि उनके इस मार्च में 25 हजार किसान शामिल हुए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर 'किसान-विरोधी नीति' अपनाने का भी आरोप लगाया।

Source: Bhaskarhindi.com

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.