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भोजन करने के ये प्राचीन तरीके आपको रखेंगे रोगों से दूर

भोजन करने के ये प्राचीन तरीके आपको रखेंगे रोगों से दूर 


डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। आज के दौर में खाना खाने के लिए लोग ज्यादातर डाइनिंग टेबल का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि जमीन पर बैठकर भोजन करना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। हमारे देश में आज भी कई लोग फर्श पर पालथी मारकर खाने का आनंद लेते हैं। ये एक तरह की यौगिक मुद्रा (सुखासन) की तरह है। ऐसे बैठ कर खाने से आपके शरीर के पेट की मांसपेशियों की मसाज के साथ ही शरीर के निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। वहीं शरीर के लचीलेपन में भी वृद्धि होती है।

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सुबह का नाश्ता 
सुबह नाश्ता करने की आदत इंसान को प्राचीन काल से रही है। रोमन का पौराणिक नाश्ता जिसे "जेतुकुलुम" कहा जाता था उसे सूर्य उदय होने के तुरंत बाद लिया जाता था। कहा जाता है कि इससे आपके बॉडी को भरपूर न्यूट्रिशन मिलता है। एक्सपर्टस का मानना है कि सोकर उठने के 15 मिनट बाद अगर आप नाश्ता करते हैं तो ये आपका वजन कम करने में मदद करता है। 

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खाना खाते समय बात न करना 
बचपन से ही हमारी दादी-नानी ये कहती आई हैं कि खाते समय बात नहीं करना चाहिए। पुराने लोगों में खाने के बीच बातचीत करना वर्जित था। इसके पीछे मुख्य कारण शायद ये था कि भोजन करते समय बात करने से खाना ठीक से नहीं चबाया जाता जिससे कि ये श्वास नली में भी फंस सकता है। डॉक्टर्स का भी कहना है कि खाने को अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। 

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मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाएं 
हमारे पूर्वज मिट्टी के बर्तन में खाना बनाया करते थे क्योंकि उस समय वो प्लास्टिक, एल्युमीनियम या स्टील के बर्तनों के बारे में नहीं जानते थे। लेकिन सिर्फ यही इसका कारण नहीं था। मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से खाने में कई तरह के मिनरल्स जैसे कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम और सल्फर मिश्रित हो जाते हैं। मिटटी के बर्तन एल्कलाइन नेचर के होते हैं जिसके कारण वो भोजन में अच्छी तरह मिश्रित हो जाते हैं और इससे बॉडी का PH लेवल संतुलित रखने में मदद मिलती है। 

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डिनर का वक्त 
प्राचीन रोम में, शाम के खाने को 'सीना' कहा जाता था और ये उनका मुख्य भोजन हुआ करता था। इसे दोपहर के थोड़े देर बाद लिया जाता था जब सूर्य के अस्त होने का वक्त होता था। आज भी 7 बजे के पहले भोजन करने को कहा जाता है इसका कारण यही है कि जितनी जल्दी आप भोजन करेंगे उतना पाचन अच्छा होगा। ऐसा करने से आपका वजन नहीं बढ़ता। खाना समय पर खाने से आपको नींद भी अच्छी तरह आती है।

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हाथ से खाना खाना 
पुराने शास्त्रों के मुताबिक खाना हमेशा हाथ से ही खाना चाहिए। हाथ से खाना खाना हमारे स्वस्थ्य के लिए सबसे बेहतर होता है। आयुर्वेदा के अनुसार जब हम हाथ से खाना खाते है तब हमारे पांचो ऊँगली एक योगिक मुद्रा बनाती है जो संवेदी अंगो को एक्टिवेट करता है। इसके अलावा जब आप हाथ से खाना खाते है तो हमारा दिमाग शरीर के पाचन रस जारी करने के लिए संकेत भेजता है। ये भी एक कारण है कि हाथ से खाते वक्त भोजन स्वादिष्ट लगता है।

Source: Bhaskarhindi.com

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